Chamoli district में रविवार रात मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई, जिससे Auli से लेकर Badrinath तक की चोटियां बर्फ से ढक गईं। खास बात यह रही कि जिन जगहों पर आमतौर पर दिसंबर-जनवरी में बर्फ गिरती है, वहां मार्च में ही बर्फबारी देखने को मिली।
रामणी, पाणा, ईराणी और झींझी जैसे ऊंचाई वाले गांव सोमवार सुबह तक बर्फ के आगोश में रहे। हालांकि तेज धूप निकलने के बाद कई जगहों पर बर्फ तेजी से पिघल गई।
रविवार दोपहर हल्की बारिश के बाद शाम होते-होते तेज बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही। सुबह जब लोग उठे तो पहाड़ों का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। औली घूमने आए पर्यटक इस अनपेक्षित बर्फबारी से बेहद उत्साहित नजर आए।
रुड़की से आए पर्यटक विवेक और समृद्धि ने बताया कि मार्च में बर्फ देखने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन यहां आकर उन्हें शानदार अनुभव मिला।
वहीं Badrinath Dham में आधा फीट से ज्यादा बर्फ जम गई, जिससे पूरा क्षेत्र मनमोहक हो गया। सुबह सूरज की किरणों के साथ धाम का दृश्य और भी आकर्षक बन गया। बारिश के चलते जंगलों में लगी आग भी बुझ गई, जिससे वन विभाग को राहत मिली है।
इसके अलावा रूपकुंड, आयजनटॉप, आली, वेदनी बुग्याल और Brahmatal जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल भी बर्फ से ढक गए हैं। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए ट्रैकिंग रूट्स पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है।
लोहाजंग से ब्रह्मताल और वाण-वेदनी ट्रैक की ओर करीब 45 पर्यटक रवाना हुए। स्थानीय लोगों के अनुसार इन इलाकों में एक से दो फीट तक बर्फबारी हुई है।
बर्फबारी के साथ ठंडी हवाओं ने पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ा दी है। वाण, कुलिंग, घेस, लोहाजंग और आसपास के गांवों में ठिठुरन महसूस की जा रही है। Karnaprayag में भी मौसम बदलने से तापमान गिर गया है।
सोमवार को सुबह धूप खिलने के बाद दोपहर में फिर मौसम बदला और झमाझम बारिश शुरू हो गई। ठंड बढ़ने से लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। हालांकि, इस बारिश को बागवानी और फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।













Leave a Reply