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केदारनाथ में एंट्री के लिए शपथ पत्र जरूरी? सारा अली खान मामले पर BKTC अध्यक्ष का बड़ा बयान

केदारनाथ में एंट्री के लिए शपथ पत्र जरूरी? सारा अली खान मामले पर BKTC अध्यक्ष का बड़ा बयान

इस वर्ष शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने प्रेसवार्ता में स्पष्ट किया कि समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों—विशेष रूप से बदरीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर—में गैर सनातन धर्म मानने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

बीकेटीसी की हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया कि मंदिरों की धार्मिक परंपराओं और पवित्रता को बनाए रखने के लिए केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाए। समिति का मानना है कि यह कदम प्राचीन धार्मिक मर्यादाओं के संरक्षण के लिए जरूरी है।

सारा खान को लेकर क्या कहा गया?

प्रेसवार्ता के दौरान जब अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम में दर्शन करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा—

“जो भी सनातन धर्म में विश्वास और आस्था रखता है, वही सनातनी है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सारा अली खान या कोई अन्य व्यक्ति केदारनाथ में दर्शन करना चाहता है, तो उसे शपथ पत्र देना होगा, जिसमें वह सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करेगा।

मंदिरों में मोबाइल पर सख्ती

इसके अलावा, मंदिर परिसर और विशेष रूप से गर्भगृह में मोबाइल फोन के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जा रही है, ताकि मंदिरों की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।

सरकार का रुख क्या है?

इस मुद्दे पर पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि—

  • सरकार इस मामले में सभी कानूनी पहलुओं, एक्ट और पौराणिक परंपराओं का अध्ययन करेगी

  • अंतिम निर्णय बोर्ड के सुझाव और नियमों के अनुसार लिया जाएगा

धामी ने संकेत दिया कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।

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