देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आयुक्त राज्य कर ने सहायक आयुक्त, समकक्ष अधिकारियों और राज्य कर अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी कर दिए हैं। 30 जून 2026 को जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत कुल 119 अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। विभाग का मानना है कि इस फेरबदल से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कर संग्रहण के साथ-साथ प्रवर्तन एवं ऑडिट व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
जारी आदेशों के अनुसार पहले चरण में 42 सहायक आयुक्त एवं समकक्ष अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इन अधिकारियों को हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, रुड़की, विकासनगर, खटीमा, किच्छा, भगवानपुर, गंगापुर, मसूरी तथा राज्य कर मुख्यालय देहरादून सहित विभिन्न कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कई अधिकारियों को सचल दल (मोबाइल स्क्वॉड) में तैनात किया गया है, जबकि कुछ को ऑडिट, प्रवर्तन (एनफोर्समेंट), मुख्यालय और मंडलीय कार्यालयों में नियुक्त किया गया है।
दूसरे आदेश में 77 राज्य कर अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इन अधिकारियों की तैनाती प्रदेश के विभिन्न जिलों और इकाइयों में की गई है। नई पोस्टिंग पाने वाले अधिकारियों को रुद्रपुर, काशीपुर, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी, विकासनगर, कोटद्वार, टनकपुर, गोपेश्वर, खटीमा और देहरादून सहित कई स्थानों पर भेजा गया है। इसके अलावा अनेक अधिकारियों को उप आयुक्त कार्यालयों, मंडल कार्यालयों, ऑडिट शाखाओं, सचल दल और विभिन्न राज्य कर खंड कार्यालयों में नई जिम्मेदारी दी गई है।
विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों की वर्तमान में विशेष गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) में ड्यूटी लगी हुई है, उन्हें प्रशिक्षण संबंधी शासनादेश के अनुरूप प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कार्यमुक्त किया जाएगा। इसके पश्चात वे अपने नए तैनाती स्थल पर जाकर कार्यभार ग्रहण करेंगे।
आयुक्त राज्य कर ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना अनावश्यक विलंब के अपने नवीन तैनाती स्थल पर योगदान दें। साथ ही यह भी कहा गया है कि सचल दल में तैनात अधिकारियों से विभागीय आवश्यकता के अनुसार अन्य प्रशासनिक एवं कर संबंधी कार्य भी लिए जा सकेंगे।
राज्य कर विभाग में एक साथ 119 अधिकारियों के तबादलों को हाल के वर्षों का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से कर प्रशासन को और अधिक मजबूत बनाने, प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने तथा विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।













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