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राजस्थान के IPS अधिकारी फिर सुर्खियों में, हाईकोर्ट ने बच्चे की कस्टडी मामले में सुनाया अहम फैसला

जयपुर। राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी मनीष अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला पारिवारिक विवाद और एक बच्चे की कस्टडी से जुड़ा है। बच्चे के जैविक माता-पिता  यानी आईपीएस के साले की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने फिलहाल बच्चे को आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी के पास ही रहने देने का निर्णय सुनाया।

अदालत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बच्चे को अवैध हिरासत में नहीं माना जा सकता, क्योंकि उसे उसके माता-पिता ने स्वयं रिश्तेदारों के पास छोड़ा था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला कस्टडी विवाद का है, जिसका समाधान सिविल अदालत में किया जाना चाहिए, न कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से।

सुनवाई के दौरान बच्चे के माता-पिता ने दावा किया कि उन्होंने बच्चे को कुछ समय के लिए ही आईपीएस अधिकारी के परिवार के पास भेजा था। वहीं, मनीष अग्रवाल और उनकी पत्नी ने अदालत को बताया कि उन्होंने विधिक प्रक्रिया के तहत बच्चे को गोद लिया है और लंबे समय से उसकी देखभाल कर रहे हैं।

गौरतलब है कि आईपीएस अधिकारी मनीष अग्रवाल पहले भी विवादों में रह चुके हैं। दौसा में एसपी रहते समय उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और कुछ समय जेल में भी रहना पड़ा। बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया। अब पारिवारिक विवाद से जुड़ा यह मामला फिर उन्हें सुर्खियों में ले आया है।