राजस्थान के उदयपुर में भील प्रदेश की मांग को लेकर आदिवासी समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अलग भील प्रदेश के गठन सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए अलग भील प्रदेश का गठन आवश्यक है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
आदिवासी संगठनों का दावा है कि भील समुदाय लंबे समय से अपनी पहचान, अधिकारों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है। भील प्रदेश की मांग राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को जोड़कर एक अलग राज्य के रूप में किए जाने की बात से जुड़ी रही है। यह मांग पिछले कई दशकों से समय-समय पर उठती रही है और हाल के वर्षों में इसे लेकर आंदोलन भी तेज हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए विशेष नीति की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे संबंधित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।



